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Friday, 21 January 2022

WORKSHOP ACCOUNT CURRENT

 

WORKSHOP ACCOUNT CURRENT.


वर्कशॉप चालू खाता

परिभाषा-

  • वर्कशॉप अकाउंट current ऐसे लेनदेन को प्रदर्शित करता है जो वर्क शॉप मैन्युफैक्चर सस्पेंस अकाउंट से संबंधित है।
  • यह चालू खाता प्रत्येक वर्कशॉप में मंथली तैयार किया जाता है।
  • यह खाता वर्क शॉप मैन्युफैक्चर सस्पेंस अकाउंट के तहत शीर्षवार (Head wise) डेबिट और क्रेडिट को दर्शाता है।

वर्कशॉप एकाउंट करंट के तहत डेबिट की मदें-

  1. लेबर- लेबर सूची में आने वाले आंकड़े इस हेड में पोस्ट किया जाता है।
  2. कैश- इस हेड में सीधी खरीद आदि के लिए ठेकेदारों के बिल, मोटर लाइसेंस शुल्क, नगर पालिका कर आदि शामिल है। यह मासिक वर्गीकृत नगद लेनदेन (A-1106) से पोस्ट किया जाता है।
  3. स्टोर- इसमें प्रतिदिन जारी किए गए सामग्री के समरी नोट्स (S-2702) जो माह के अंतिम दिन तक का होता है से पोस्ट किया जाता है। (नोट- स्टोर अकाउंट में डेबिट पोस्ट करने से पहले उन्हें स्टोर सारांश सब लेजर से संबंधित आंकड़ों से सहमत होना चाहिए।
  4. अन्य शुल्क- यह भी स्टोर सारांश उपलेजर से पोस्ट किया जाता है जिसमें इंटर शॉप ट्रांसफर शुल्क भी शामिल रहता है।

वर्कशॉप एकाउंट करंट के तहत क्रेडिट की मदें-

  1. क्रेडिट को outturn स्टेटमेंट  पार्ट I के समरी से पोस्ट किया जाता है जो विस्तृत शेड्यूल द्वारा समर्थित होता है।
  2. क्लोजिंग बैलेंस की गणना महीने के दौरान कुल क्रेडिट में से डिडक्ट किया जाता है कुल डेबिट जिसमें ओपनिंग बैलेंस भी शामिल रहता है और यह बैलेंस Outturn स्टेटमेंट पार्ट II से सहमत होना चाहिए।

Monday, 10 January 2022

OPTION CLAUSE

 

OPTION CLAUSE


  1. ऑप्शन क्लॉज़ स्टोर कॉन्ट्रैक्ट में अपनाया जाता है। ऑप्शन क्लॉज का अर्थ है कि ऐसे अनुबंध जो अनुबंधित हो गया है रेलवे अपने हित में Quantity (मात्रा) को +/-30% तक सामग्री प्राप्त होने के समय तक या अगर सामग्री प्राप्त होने की समय सीमा बढ़ाई गई है तो उस समय तक बढ़ा/घटा सकती है।
  2. यह स्पेशल कंडीशन ऑफ कॉन्ट्रैक्ट के तहत फिक्स क्वांटिटी ऑफ कॉन्ट्रैक्ट के लिए, वैसे मेटेरियल जो लगातार प्रयोग करने की प्रकृति का है उस पर अपनाया जाता है।
  3. ऑप्शन क्लोज वैसे अनुबंध के लिए अपनाया जाता है जिसका न्यूनतम वैल्यू 75 लाख हो। हालांकि खरीद मूल्य 75 लाख से कम होने पर भी ऑप्शन क्लोज लगाया जा सकता है अगर रेलवे के फायदे में हो एवं मेटेरियल continuing nature के हो।
  4. टेंडर स्वीकृत करने वाले प्राधिकारी ऑप्शन क्लोज को अनुमोदित कर सकते हैं , इसके लिए वित्तीय सहमति की आवश्यकता नहीं होती है सिर्फ जो मोडिफिकेशन किया गया है उसका वेट फाइनेंस से करवाया जा सकता है Non TC(tender committee) के मामले में वित्तीय सहमति की आवश्यकता है।
  5. खरीददार ऑप्शन क्लोज को एक या एक से ज्यादा किस्तों में अपना सकता है लेकिन मात्रा जो आर्डर दिया गया है उसमें 30% से ज्यादा ना हो।
  6. रनिंग कॉन्ट्रैक्ट के मामले में पैरा 3800 आईआरएस कंडीशन ऑफ कॉन्ट्रैक्ट ऑन Contractual क्वांटिटी वेरिएशन लागू होगा।

Tuesday, 7 December 2021

Miscellaneous E-receipt system (MERS)

Miscellaneous E-receipt System (MERS)


परिभाषा- विविध ई-रसीद प्रणाली एक ऐसी प्रणाली है जिसके माध्यम से जोनल रेलवे अपने ग्राहकों से विविध प्राप्तियां डिजिटल माध्यम से प्राप्त कर सकता है।

* क्रिस ने इस पोर्टल को विकसित किया है।

लॉग इन मॉड्यूल

इसमें दो प्रकार के लॉगिन मॉड्यूल है-

(1) रेलवे प्राधिकरण (Railway authority)
(2) रेलवे ग्राहक (Railway customers)

- रेलवे प्राधिकरण- रेलवे प्राधिकरण वो उपयोगकर्ता है जो इस पोर्टल के माध्यम से ई रसीद प्रविष्टि और अनुमोदन के कार्य करेंगे।
- रेलवे प्राधिकारियों के रजिस्ट्रेशन के दो लेवल है (i) सुपरवाइजर लेवल (ii) मंडल/लेखा इकाई में उपयोगकर्ता विभाग के अधिकारी स्तर पर।
-ये उपयोगकर्ता पोर्टल के माध्यम से रजिस्टर्ड नहीं होता है बल्कि ये क्रिस के MERS टीम को जो क्षेत्रीय रेलवे द्वारा पंजीकरण का जो मांग प्राप्त होता है उस आधार पर किया जाता है।

-रेलवे कस्टमर- इनका पोर्टल के माध्यम से भुगतान करने का अनुमोदन रेलवे के अधिकारी द्वारा किया जाता है।

* भारतीय रेलवे और उसका उपयोगकर्ता विभाग के द्वारा भारतीय स्टेट बैंक के साथ कॉर्डिनेशन के साथ इसका उपयोग किया जाता है।

* पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन और ऑफ़लाइन पेमेंट किया जा सकता है।ऑनलाइन पेमेंट इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से सीधे किया जा सकता है ऑफलाइन भुगतान के लिए पोर्टल के माध्यम से ही चालान जनरेट कर एसबीआई के शाखा में जमा किया जा सकता है।

* सेंट्रल रेलवे को नोडल रेलवे बनाया गया है।

- एम ई आर एस के जरिए निम्नलिखित के लिए भुगतान प्राप्त किए जा सकते हैं।
1. प्रीपेड मीटर प्रभार
2. भूमि लाइसेंस फीस
3. वे लीव चार्ज
4. विज्ञापन के लिए लाइसेंस फीस
5. सिक्योरिटी डिपॉजिट
6. पार्सल प्राप्तियां
7. टेंडर संबंधित लेनदेन ( टेंडर पेपर कॉस्ट और बयाने की रकम)
8. विदेश सेवा अंशदान प्रभार

* संपूर्ण जोनल रेलवे से एमईआरएस के तहत विभिन्न प्राप्तियां पहली बार में पीएफए के खाते में जमा होता है। बाद में इसे हेड क्वार्टर के बुक्स अनुभाग द्वारा मंडलों को टीसी के माध्यम से क्रेडिट हस्तांतरित कर दिया जाता है।