Sunday, 26 January 2025

URGENCY CERTIFICATE

URGENCY CERTIFICATE


(तत्कालिता प्रमाणपत्र)

स्त्रोत:-इंजीनियरिंग कोड पैरा 1103 एवं 1104

ऐसे कार्य, जिन्हें जान अथवा माल की सुरक्षा के लिए अथवा बाढ़ दुर्घटना या अन्य अप्रत्याशित आकिस्मकता के कारण लाइन को हुई क्षति की मरम्मत के लिए तत्काल अथवा आवश्यक समझा जाए, ताकि सीधी संचार सेवा को पुनः चालू किया जा सके या बनाए रखा जा सके।इस तरह के कार्य को तत्कालिता प्रमाणपत्र के जरिये किया जाता है।

मंडल इंजीनियर कार्य को प्रारंभ कर सकते हैं परन्तु वो तुरंत सामान्य माध्यम से एक रिपोर्ट , कार्य के प्रशासनिक अनुमोदन देने वाले और अपेक्षित फण्ड आवंटित करने वाले सक्षम प्राधिकारी को प्रस्तुत कर दे। इस रिपोर्ट में जिसे तत्कालिता प्रमाण-पत्र या तत्कालिता रिपोर्ट कहा जाएगा जिसमें निम्नलिखित बातों का उल्लेख किया जाता है-

(I) कार्य का विवरण
(2) उसके प्रारम्भ की तारीख
(3) परिस्थिति जिनके कारण कार्य इस कोटि में आता है।
(4) कार्य की अधिकतम संभाव्य लागत और उसके साथ एक अनुलग्नक जिसमें परिकलन का सार-संक्षेप
(5) लागत का ब्यौरेवार प्राक्कलन किस तारीख तक प्रस्तुत किया जाएगा।
(6) निधियों की व्यवस्था

उपरोक्त रिपोर्ट फार्म संख्या 1104 में बनाकर प्रतिलिपि लेखा अधिकारी को दिया जाता है।

Saturday, 28 December 2024

STANDARDS OF FINANCIAL PROPRIETY

Standardsof financial propriety.

वित्तीय मर्यादा के मानक/वित्तीय  औचित्य के सिद्धांत:-

स्त्रोत-रेलवे वित्त कोड vol. I Para-116

मंजूरी देने वाले प्राधिकारियों को चाहिए कि अपनी वित्तीय शक्तियों का प्रयोग करने में निम्नलिखित सिद्धान्तों का ध्यान रखें।

1. खर्च उससे अधिक नहीं बढ़ना चाहिए जितना कि अवसर मांग करें और हरेक सरकारी कर्मचारी को सार्वजनिक धन से किये जाने खर्च के संबंध में वही सावधानी बरतनी चाहिए जो साधारण बुद्धि का एक व्यक्ति अपने धन के खर्च करने में बरतता है।

2. कोई प्राधिकारी खर्च की मंजूरी देने की अपनी शक्तियों को ऐसे आदेश देने के लिए प्रयोग न करे, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में उसके अपने लाभ में हो।

3. सार्वजनिक धन का उपयोग किसी व्यक्ति या समाज के वर्ग विशेष के लाभ के लिए नहीं किया जाना चाहिए जब तक कि:-
      (I) उसमें निहित खर्च की रकम नगण्य न हो,या
     (II) रकम का दावा अदालत में न किया जा                     सकता हो, या
    (III) खर्च मान्य नीति या परम्परा के अनुसरण                  में न हो।

4. भत्तों की रकम, जैसे यात्रा-भत्ता, जो किसी विशेष प्रकार के खर्च को पूरा करने के लिए मंजूर किया गया है, का विनियमयन इस प्रकार किया जाए कि भत्ते कुल मिलाकर पाने के लिए लाभ का स्त्रोत न बनें।

Sunday, 22 September 2024

Liquidated Damages

 Liquidated Damages


परिभाषा-रेलवे में किसी कार्य या सप्लाई में देरी की वजह से रेलवे को हुए नुकसान की भरपाई के लिए जो चार्जेज ठेकेदार पर रेलवे द्वारा लगाया जाता है , उसे लिक्विडिटी डैमेज कहा जाता है।

सोर्स-GCC वर्क्स क्लॉज 17-B

  1. GCC वर्क्स क्लॉज 17 एवं 17 A में निर्धारित कारणों जैसे कि फ़ोर्स मेज्योर क्लॉज एव कॉन्ट्रैक्ट के समय में एक्सटेंशन के कारणों के अलावा अन्य कारणों के कारण देरी होने पर लिक्विडिटी डैमेज लगाया जाता है।
  2. कार्यों का अनुबंध मूल्य-कॉन्ट्रैक्ट का मूल्य एवं अन्य कोई सप्लीमेंटरी कार्य (अनुपूरक कार्य) आदेश का मूल्य सहित।
  3. लिक्विडिटी डैमेज कुल अनुबंध मूल्य का 5% से अधिक नही होगा।
  4. लिक्विडिटी डैमेज का दर रेल के इंजीनियर के द्वारा तय किया जाएगा जो 0.05% से 0.30% कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू का होगा जो साप्ताहिक या सप्ताह के भाग के रूप में तय किया जाएगा।
  5. यदि रेलवे इस बात से संतुष्ट नहीं है कि ठेकेदार द्वारा किया गया कार्य अनुमत्त समय के भीतर नहीं किया जा सकता है तो रेलवे , उस संबंध में उपलब्ध किसी भी अन्य अधिकार या उपाय पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ठेकेदार की जमा राशि को जब्त करने और क्लॉज 62 के तहत अनुबंध को रद्द करने का हकदार होगा, चाहे ऐसी चूक से वास्तविक क्षति हुई हो या नहीं।
  6. स्टोर कॉन्ट्रैक्ट के मामले में 0.5% स्टोर वैल्यू का होगा जो साप्ताहिक होगा एवं अधिकतम स्टोर वैल्यू का 10% होगा।