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Wednesday, 15 July 2020

Differences Between Demand Payable and Demand Recoverable


Differences Between Demand Payable and Demand Recoverable  


देय मांगे (Demand Payable)
वसूली योग्य  मांगे (Demand Recoverable)
01. देय मांगे एक सस्पेन्स हेड है जो खर्च के लिए संचालित किया जाता है ।       
01.वसूली योग्य मांगे एक सस्पेन्स हेड है हो आमदनी के लिए संचालित किया जाता है ।
02.इसमें हमेशा क्रेडिट शेष बतलाता है,इसका अर्थ यह हुआ की अभी भुगतान होना बाकी है ।
02.इसमें हमेशा डेबिट शेष बतलाता है, इसका अर्थ यह हुआ की अभी पार्टी से वसूली होना बाकी है ।      
03.देय मांगे का संचालन किसी महीने की उपचित (accrued) समस्त राजस्व देयतायों को उसी महीने के लेखे में लाने के लिए किया जाता है । चाहे उसका निपटारा उस महीने में हुआ हो या नहीं ।
03.वसूली योग्य मांगे समस्त राजस्व आय को जो उपचित हो गया है को लेखे में लाने के लिए किया जाता है ।
04.यह शीर्ष कार्य संचालन व्यय (working exp.) के दायित्व को पूरा करने के लिए संचालित किया जाता है।
04. यह क्रेडिट बिलों रेलवे के भूमि के किराए,ब्याज,अनुरक्ष्ण प्रभार साइडिंगो के, ROB,FOB एवं लेवल क्रोसिंगों के अनुरक्ष्ण प्रभार को लेखे में लाने के लिए संचालित किया जाता है ।
05. यह प्रत्येक महीने के लिए अलग-अलग खोला जाता है ।
05.यह एक निरंतर खाता है जो वसूलियों के निपटान तक चलता रहता है ।
06.जब मार्च का सैलरी बिल पास होता है तो जनरल इंट्री मार्च के लेखे बंद होने से पहले

Revenue Head.....................Dr.
To Demand Payable...........CR.
06. रेलवे द्वारा पार्टी के लिए बिल्स तैयार करने पर

Demand Recoverable.............Dr.
To Abstract “Z”……………………………..Cr.
07.समायोजन के पश्चात
Demand Payable...........DR.
To Cheques & Bills ......Cr.


07. पार्टी से भुगतान प्राप्त होने पर
Remmittance into Bank (RIB)….Dr.
To Demand Recovarable……………Cr.  


2012,2015 Books & Budget

Thursday, 2 July 2020

Demand Payable


Demand Payable

देय मांगे 

पैरा 220 लेखा संहिता प्रथम 

  1. देय मांगे एक उचन्त शीर्ष (suspense head) है जो मांग संख्या 12 Abstract N के तहत संचालित होता है। यह कार्य संचालन व्यय है।
  2. यह एक लिंक हेड भी है जो वाणिज्यिक लेखा के साथ सरकारी लेखा को जोड़ता है ।
  3. सरकारी लेखे में खर्च या प्राप्तियां केवल तभी रिकॉर्ड की जाती है जब वे वस्तुतः संवितरित (disbursed) किए गए हो या वसूल किए गए हो। इसके विपरीत रेलवे लेखों जो कि वाणिज्य आधार पर रखे जाते हैं महीने में अंगीकृत खर्च (expenditure incurred) या उपचित आमदनी (earning accrued) दिखाई जाएगी चाहे उसका वास्तव में भुगतान या वसूली की गई हो अथवा ना की गई हो।
  4. देय मांगों के प्रचालन का प्रमुख उद्देश्य है कि किसी महीने की उपचित समस्त राजस्व देयताओं को उसी महीने के लेखे में लाया जा सके।
  5. रेलवे की एक महीने की राजस्व देयताएं जो उसी महीने में देय न हो तो उसे "देय मांगे" नामक उचन्त शीर्ष में दूतरफा ज़माकर के महीने के संचालन व्यय के रूप में लिखें में दिखाई जाती है। जब देयताएं वास्तव में दे दिया जाता है तो उस राशि से इस शीर्ष को डेबिट कर दिया जाता है।
  6. इस प्रकार इस उचन्त शीर्ष में जो राशि रहेगी वह देयता को दिखाई देगी। इस उचन्त शीर्ष में बकाया राशि हमेशा क्रेडिट बैलेंस रहेगी।
  7. इस उचन्त शीर्ष में प्रत्येक महीने के लिए अलग-अलग खाता खोला जाता है जैसे अप्रैल का मई का।

जनरल एंट्री इस प्रकार होगा-

Salary Bill for March, Passed for Payment in April

1. मार्च के लेखे बंद होने से पहले जनरल एंट्री

Final Heads of Revenue Working Exp. .......Dr.

To Demand Payable..............Cr.


2. मार्च के देय मांगों की देयता समायोजन होने के बाद -

Cash Book entry (April Account)

Demand Payable..............Dr.

To Cheque and bills........Cr.




(2006,2012WO,2015W,2016 Books & Budget)