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Saturday, 9 May 2020

Way leave charges

WAY LEAVE CHARGES 

पैरा 1033E

  1. भारतीय रेलवे द्वारा अन्य विभाग , प्राइवेट कंपनियों और स्थानीय नागरिकों को अपनी जमीन या ट्रैक के ऊपर या अंदर उपयोग करने के लिए जो सुविधा दी जाती है और उसके बदले जो राशि प्रभार के रूप में रेलवे के द्वारा ली जाती है उसे "वे लीव चार्ज" कहते हैं।
  2. यह रेल अधिनियम 1989 की धारा 16 और 17 के अंतर्गत शासित है जिसके अनुसार रेलवे भूमि से लगी हुई भूमि के स्वामियों और अधिभोगियों के लिए रेलों को कुछ निर्धारित कार्य करने और उनके रखरखाव के आदेश दिए गए हैं ताकि जिस भूमि से होकर रेल लाइन बिछाई गई है उसके उपयोग में रेलवे द्वारा उत्पन्न व्यवधान को दूर किया जा सके।
  3.  ऐसे कार्यों में समपार, मार्ग, नालियां, जल स्रोत आदि बनाना शामिल है। इसके अतिरिक्त निजी मकानों और निर्माणों तक मार्ग /पहुंच, जल सप्लाई और सीवर के लिए भूमिगत पाइप लाइनों, बिजली और टेलीफोन के तारों आदि के रूप में रेलवे की भूमि पर मार्गाधिकार की व्यवस्था के लिए कई बार अनुरोध प्राप्त होते हैं, कई मामलों में रेलवे संरेखण के मूल स्वरूप और विस्तार को देखते हुए यह अपरिहार्य होते हैं।
  4. वे लीव में पार्टी को भूमि के कब्जे या दखल का कोई अधिकार दिए बिना तथा रेलवे के हक, नियंत्रण और भूमि के उपयोग को किसी प्रकार प्रभावित किए बिना मार्ग आदि जैसे विनिर्दिष्ट प्रयोजन के लिए पार्टी द्वारा भूमि का सीमित उपयोग शामिल है।
  5. इस तरह के अनुरोध पर तभी विचार किया जा सकता है जब : (i)संपत्ति /मकान के लिए पहुंच का कोई अन्य रास्ता उपलब्ध ना हो (ii)किसी अन्य दिशा में जल ,सप्लाई ,बिजली सीवर  आदि की व्यवस्था न हो।
  6. वे लीव सुविधा को दिनचर्या के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए प्रत्येक मामले में साइट निरीक्षण के आधार पर विचार करना चाहिए।
  7. वे लीव सुविधाओं के लिए दरें कार्य की प्रकृति पर निर्भर करती है और रेलवे बोर्ड के दिशा निर्देश के अनुसार तय किया जाता है । उदाहरण के लिए भूमिगत पाइपलाइन के बिछाने के लिए भूमि के  बाजार मूल्य का 10% न्यूनतम 20 हजार रुपये।

अनुबंध के समय सावधानियां

  • अनुबंध में यह ध्यान रखा जाए कि पार्टी को जमीन पर कब्जे का कोई अधिकार नहीं है । इसका अर्थ हुआ की भूमि का लाइसेंस नहीं दिया जाता है बल्कि केवल सीमित उपयोग, जो करार में विस्तृत रूप से विनिर्दिष्ट किया हो ,के लिए अनुमति दी जाती है।
  • इस तरह के अनुबंध में "लाइसेंस" और "लाइसेंस फीस" जैसे शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाए बल्कि "अनुमति" और "मार्गाधिकार प्रभार" शब्दों का प्रयोग किया जाए।
  • करार में यह भी स्पष्ट रूप से तय किया जाए कि रेल प्रशासन को संबंधित पार्टी को किसी तरह का कोई नोटिस दिए बगैर किसी भी समय उस भूमि में प्रवेश करने, गुजरने और उसका प्रयोग करने का पूर्ण अधिकार है।
  • मार्गाधिकार सुविधा समाप्त हो जाने की स्थिति में उस पार्टी को न तो किसी तरह की क्षतिपूर्ति या प्रतिपूर्ति राशि के भुगतान और ना ही पहुंच मार्ग आदि के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कराने के लिए उत्तरदायी होगा, ऐसे मामलों में उस पार्टी द्वारा बिछाई गई भूमिगत पाइप लाइनें आदि उस पार्टी को अपनी लागत पर हटानी/दूसरी जगह ले जाने होगी।

पंजीकरण शुल्क:-

आवेदन पत्र के साथ ₹20 हजार जमा शुल्क जिसे सर्वे एवं विस्तृत प्राक्कलन/वे लीव चार्ज में बाद में समायोजित कर दिया जाएगा।

प्रोसेसिंग और स्वीकृति वे लीव प्रस्ताव का


Sr.DEN(Co-ord) द्वारा संसाधित (processed) एवम मंडल रेल प्रबंधक द्वारा मंजूरी की जाएगी एवम संबंधित मंडल वित्त द्वारा सहमति ली जाएगी।

(2006W,2017-18 Expenditure)