Out of Turn Works(OOT WORKS)
परिभाषा:-
ऐसे कार्य जो वर्तमान वर्ष के कार्य में शामिल किया जाता है, परंतु वह कार्य न तो वर्तमान वर्ष के कार्य में स्वीकृत रहता है एवं न तो पिछले वर्ष के स्वीकृत कार्यों में शामिल रहता है।
दूसरे शब्दों में ऐसे कार्य जिन्हें बजट बनाते समय ऊंची प्राथमिकता नहीं दी जाती है और बजट में शामिल भी नहीं किया जाता है । किंतु यदि बाद में कार्यों को करवाने की आवश्यकता होती है तो उसे आउट ऑफ टर्न वर्क्स में शामिल किया जाता है।
कार्यान्वयन प्राधिकरण(Execution authority)
इस तरह के कार्यों को शुरू करने के लिए आवश्यक जस्टिफिकेशन देना चाहिए साथ ही यह भी बताना चाहिए कि इसे पिंक बुक/लॉ बुक में क्यों शामिल नहीं किया गया।
फण्ड- इस तरह के कार्य के लिए फंड की व्यवस्था उसी प्लान हेड के अंतर्गत पुनर्विनियोग से किया जाएगा यानी जिस प्लान का OOT कार्य है।
- CPDE-Chief Planning & Design Engg./CE/P&D-OOT कार्य के लिए नोडल अधिकारी होंगे (जोन में)
- वित्तिय सहमति PFA/Sr.DFM से ली जाएगी जैसे भी कार्य हो,यानी मंडल स्तर पर Sr.DFM से एवम क्षेत्रीय स्तर पर PFA से ली जाएगी।
यात्री सुविधाओं वाले कार्य:-
(i) महत्वपूर्ण एवम टिकाऊ तथा स्थायी प्रकृति की सुविधाएं वाले कार्य को महत्व देना चाहिए।
(ii) फण्ड को फिनिशिंग वाले कार्य पर व्यय नहीं करना चाहिए।
सेफ्टी कार्य:-इस तरह के कार्य आठ महीनों में समाप्त हो जाना चाहिए।
* यातायात सुविधाओं वाले कार्य के लिए PCOM से मंजूरी लेनी चाहिए।
SOP
|
प्लान हेड्स
|
स्वीकृति शक्ति
|
Remarks
|
|
|
|
GM
|
DRM
|
|
|
5300-Passenger & other amenities.
|
2.5 cr. per case
|
2.5 cr. per case
|
वार्षिक लिमिट -25 cr नन सेफ्टी आइटम के लिए (सेफ्टी
वर्क्स में यह लिमिट लागू नहीं है)
|
|
5200-staff amenities
|
1 cr. per case
|
NIL
|
|
|
अन्य प्लान हेड्स
|
2.5 cr. per case
|
Nil
|
|
|
M&P items
|
10 lakh per case
|
Nil
|
50 lakh (हालांकि LAW के तहत इस प्रकार के सभी कार्य PCME स्तर पर स्वीकृत होने चाहिए जो रेलवे
बोर्ड द्वारा दिये गए अनुदान के भीतर हो)
|