Wednesday, 4 December 2019
Supplementary Grants & Excess Grants
Wednesday, 27 November 2019
EXPENDITURE ORDER, SUPPLEMENTARY GRANTS, EXCESS GRANTS
व्यय आदेश (EXPENDITURE ORDER)
रेल प्रशासन को मंजूर किये गए आंवटन से किसी सीमा तक अधिक खर्च करने के लिए प्राधिकृत करते हुए जब रेलवे बोर्ड द्वारा आदेश जारी किए जाते हैं तो ऐसे आदेशों को "बजट आदेश" से भिन्न "व्यय आदेश" माना जाना चाहिए।
अर्थात ये आदेश बजट आदेशों से बिल्कुल भिन्न होते हैं और इन्हें रेलवे बोर्ड द्वारा स्वीकृत आंवटन से अधिक करने की अनुमति देने के लिए जारी किया जाता है।पुनर्विनियोग(Re-apporiation) स्वीकृत करते समय या विभिन्न उपशीर्षों में मंजूर आंवटन का वितरण करने में इन आदेशों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए।
वित्त संहिता I पैरा 381 (1996,2015)
अनुपूरक अनुदान (Supplementary Grants)
जब बजट में किसी अनुदान/विनियोग की रकम चालू वर्ष के लिए अपर्याप्त पायी जाती है तो अनुपूरक/विनियोग का एक अनुमान संसद की स्वीकृति के लिए/राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए उसी तरह रेलवे बोर्ड भेजा जाता है जिस तरह रेलवे मूल अनुदान की मांगे/विनियोग भेजे जाते हैं।परंतु न केवल संविधान के अनुच्छेद 113(3) के अधीन बल्कि अनुच्छेद 115(1) और 115(2) के अधीन भी अनुपूरक मांगो के लिए केवल राष्ट्रपति की सिफारिश लेनी होगी।
वित्त संहिता I पैरा 390
अतिरिक्त अनुदान (Excess Grants)
अतिरिक्त अनुदान का संबंध पहले से किये गए उस खर्च से होता है जो वर्ष में खर्च को पूरा करने के लिए संसद से स्वीकृत रकम से अधिक होता है।खर्च में इस आधिक्य के बारे में पूरा स्पष्टीकरण देना चाहिए।
अतिरिक्त अनुदान की मांग लोक लेखा समिति द्वारा रेलों के विनियोग लेखों और नियंत्रक तथा महालेखा परीक्षक की लेखा परीक्षा रिपोर्ट की संवीक्षा के फलस्वरूप की गई सिफारिशों पर आधारित होती है।
अतिरिक्त अनुदान न केवल संविधान के अनुच्छेद 113(3) के अधीन बल्कि अनुच्छेद 115(1) और 115(2) के अधीन भी अतिरिक्त मांगो के लिए केवल राष्ट्रपति की सिफारिश लेनी होगी।
वित्त संहिता I पैरा 391
(1991,95,2000,2004,2012)
रेल प्रशासन को मंजूर किये गए आंवटन से किसी सीमा तक अधिक खर्च करने के लिए प्राधिकृत करते हुए जब रेलवे बोर्ड द्वारा आदेश जारी किए जाते हैं तो ऐसे आदेशों को "बजट आदेश" से भिन्न "व्यय आदेश" माना जाना चाहिए।
अर्थात ये आदेश बजट आदेशों से बिल्कुल भिन्न होते हैं और इन्हें रेलवे बोर्ड द्वारा स्वीकृत आंवटन से अधिक करने की अनुमति देने के लिए जारी किया जाता है।पुनर्विनियोग(Re-apporiation) स्वीकृत करते समय या विभिन्न उपशीर्षों में मंजूर आंवटन का वितरण करने में इन आदेशों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए।
वित्त संहिता I पैरा 381 (1996,2015)
अनुपूरक अनुदान (Supplementary Grants)
जब बजट में किसी अनुदान/विनियोग की रकम चालू वर्ष के लिए अपर्याप्त पायी जाती है तो अनुपूरक/विनियोग का एक अनुमान संसद की स्वीकृति के लिए/राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए उसी तरह रेलवे बोर्ड भेजा जाता है जिस तरह रेलवे मूल अनुदान की मांगे/विनियोग भेजे जाते हैं।परंतु न केवल संविधान के अनुच्छेद 113(3) के अधीन बल्कि अनुच्छेद 115(1) और 115(2) के अधीन भी अनुपूरक मांगो के लिए केवल राष्ट्रपति की सिफारिश लेनी होगी।
वित्त संहिता I पैरा 390
अतिरिक्त अनुदान (Excess Grants)
अतिरिक्त अनुदान का संबंध पहले से किये गए उस खर्च से होता है जो वर्ष में खर्च को पूरा करने के लिए संसद से स्वीकृत रकम से अधिक होता है।खर्च में इस आधिक्य के बारे में पूरा स्पष्टीकरण देना चाहिए।
अतिरिक्त अनुदान की मांग लोक लेखा समिति द्वारा रेलों के विनियोग लेखों और नियंत्रक तथा महालेखा परीक्षक की लेखा परीक्षा रिपोर्ट की संवीक्षा के फलस्वरूप की गई सिफारिशों पर आधारित होती है।
अतिरिक्त अनुदान न केवल संविधान के अनुच्छेद 113(3) के अधीन बल्कि अनुच्छेद 115(1) और 115(2) के अधीन भी अतिरिक्त मांगो के लिए केवल राष्ट्रपति की सिफारिश लेनी होगी।
वित्त संहिता I पैरा 391
(1991,95,2000,2004,2012)
Monday, 25 November 2019
Budgetary Review
बजटीय समीक्षा करने के उद्देश्य
वर्ष के दौरान रेलवे बोर्ड से रेल प्रशासनों को जो भी बजट अनुदान मिलता है उस बजट अनुदान से व्यय की प्रगति के मिलान करने के लिए बजटीय समीक्षा की जाती है।बजटीय समीक्षा करने के प्रमुख उद्देश्य है।
वर्ष के दौरान रेलवे बोर्ड से रेल प्रशासनों को जो भी बजट अनुदान मिलता है उस बजट अनुदान से व्यय की प्रगति के मिलान करने के लिए बजटीय समीक्षा की जाती है।बजटीय समीक्षा करने के प्रमुख उद्देश्य है।
- बजट अनुदान और व्यय की प्रगति का मिलान करना।
- वास्तविक व्यय जो अब वर्ष के बचे हुए महीनों में होने वाली है इसके लिए संशोधित अनुमान लगाना।
- रेलवे बोर्ड को इसके लिए सक्षम बनाना।
इसके लिए वर्ष में दो समीक्षा की जाती है
(i)संशोधित प्राक्कलन
(ii)अंतिम आशोधन विवरण
(i) संशोधित प्राक्कलन :- यह समीक्षा नवम्बर माह में की जाती है ।इसमें मुख्य रूप से यह देखा जाता है।
●बजट अनुपात।
●पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान किया गया व्यय।
●पिछले वित्तीय वर्ष के इसी अवधि के दौरान किया गया व्यय।
●बजट अनुदान
इस समीक्षा में अतिरिक्त बजट अनुदान की आवश्यकता या आवंटित बजट को सरेंडर किया जा सकता है।
(ii)अंतिम आशोधन विवरण:-यह विवरण प्रत्येक अनुदान के सम्बंध में रेल प्रशासन द्वारा बनाया जाता है।और रेलवे बोर्ड को हर वर्ष 21 फरवरी तक प्रस्तुत किया जाता है।इस विवरण का उद्देश्य यह है कि वर्तमान वित्त वर्ष में कितने अतिरिक्त आंवटन की आवश्यकता है और कितनी निधियां सरेंडर करना है।
इस विवरण में प्रत्येक अनुदान शीर्षों के अंतर्गत अतिरिक्त आंवटन स्वीकृत और प्रभृत (Voted & Charged) और सरेंडर बजट आदेशों के अनुसार दिखाए जाते हैं और इसके समर्थन में रेलवे बोर्ड के द्वारा जारी आदेशों के अनुसार पर्याप्त स्पष्टीकरण दिया जाता है।
बाद में यदि कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन करना आवश्यक हो तो उसके बारे में हर वर्ष 20 मार्च से पहले सूचना भेज देनी चाहिए ताकि जहाँ तक सम्भव हो, राष्ट्रपति मंजूरी प्रदान कर सके और आवंटन से जितना अधिक खर्च प्रत्याशित हो उसके लिए रेल प्रशासन वर्ष के 31 मार्च से पहले समय पर पुनर्विनियोग की मंजूरी दे सके।
Subscribe to:
Posts (Atom)
